मुक्तक क्या है?

इस वैबसाइट के लिये "मुक्तक" से हमारा तात्पर्य काव्य की उन कुछ पन्क्तियों से है जो बहुत खास हैं। काव्य में छंद का एक रूप भी मुक्तक कहलाता है -परंतु इस वैबसाइट पर मुक्तक का अर्थ "मोती" है -छंद का एक रूप नहीं। इसलिये कोई भी ऐसी पन्क्तियां जो विशेष हों उन्हें हम इस वैबसाइट का अंग बनाएंगे -फिर चाहे वे पन्क्तियां दोहा हो, चौपाई हो, शेर हो, सोरठा हो या कोई भी और छंद हो। अगर पन्क्तियां किसी छंद विशेष के नियमों के अनुसार ना भी बनी हो -तब भी उन्हे शामिल किया जा सकता है। पन्क्तियां खास होनी चाहियें -बस!

सार यह है कि मुक्तक से हमारा तात्पर्य खास पन्क्तियो से है -मुक्तक छंद से नहीं।

यदि आप स्वंय भी काव्य रचना करते हैं तो आपको भी आपकी लिखी कुछ पन्क्तियां विशेष रूप से पसंद होंगी। इसी तरह आपको किसी और कवि की लिखी कुछ पन्क्तियों से भी विशेष लगाव हो सकता है। आप ऐसी पन्क्तियां मुझे भेज सकते हैं -मैं कोशिश करुंगा की उन पन्क्तियों को इस वैबसाइट का हिस्सा बनाया जा सके।

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शुभकामनाओं सहित

ललित कुमार